पटना7 मिनट पहलेलेखक: मनीष मिश्रा

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर बैन ने आतंकियों की मंशा पर पानी फेर दिया है। भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने का मिशन फेल होता देख जिहाद की नई तैयारी की गई है। इसके लिए लड़कियों की फौज तैयार की जा रही है। भारत सरकार के एक्शन के बाद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के फेल हुए प्लान को अब सोशल मीडिया प्लेटफार्म से आगे बढ़ाने की तैयारी है।

नए प्लान को इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर (ITC) का नाम दिया गया है। ITC अलकायदा का ही एक विंग है। इसमें लड़कियों को जिहाद के लिए खुला निमंत्रण दिया गया है। जिहाद की इस नई योजना को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों अलर्ट किया है। बिहार से ही भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने का खुलासा हुआ और अब नए प्लान को भी फेल करने के लिए पुलिस एक्टिव हुई है। जानिए PFI के बाद अब किस तरह से नए प्लान ITC से जिहाद की तैयारी चल रही है…

जिहाद के लिए महिलाओं का मास्टर प्लान

जिहाद के लिए अब नया और मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, मास्टर प्लान इसलिए क्योंकि इस बार सोशल प्लेटफार्म से लड़कियों को जिहाद के लिए तैयार किया जा रहा है। इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर के नाम पर तैयार किए गए, सोशल प्लेटफार्म पर लड़कों के साथ लड़कियों को भी शामिल होने के लिए प्लान किया जा रहा है। लड़कियों को लेकर विशेष फोकस है, ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब जिहाद से जुड़ने के लिए लड़कियों को खुला निमंत्रण दिया जा रहा है।

माना जा रहा है कि ट्रांसलेशन के नाम पर लड़कियों को ऐसा मटेरियल दिया जाएगा जो लड़कियों को मोटिवेट करने का काम करेगा। जिहाद के लिए जो मटेरियल दिखाया जा रहा है, वह आग उगलने वाला है। इससे लड़कियों के अंदर भारत के खिलाफ आक्रोश पैदा होगा और जिहाद की मंशा पूरी हो जाएगी। मंशा तो यह भी है कि जिहाद को हर भाषा में ट्रांसलेट कराया जाएगा और इसे सोशल मीडिया के जरिए सर्कुलेट भी कराया जाएगा।

इससे घर में रहने वाली या पढ़ाई करने वाली महिलाएं भी सोशल प्लेटफार्म के जरिए जुड़ जाएंगी और उनकी फंडिंग कर जिहाद का बड़ा प्लान तैयार हो जाएगा। लेकिन बिहार में इस इनपुट के बाद पुलिस का अलर्ट जारी कर दिया गया है।

जानिए क्या है जिहाद का सोशल पैगाम

ITC मॉडल को तैयार करने के लिए सोशल प्लेटफार्म पर पूरी तैयारी है। इस पर खुला पैगाम है जिसमें लड़कियों को जोड़ा जा रहा है। जिहाद के लिए जारी किए गए पैगाम में मुस्लिम भाई बहनों को शामिल होने का खुला निमंत्रण है। लड़की-लड़कों को हर भाषा में ट्रांसलेशन के लिए काम करने का निमंत्रण दिया जा रहा है। इसके लिए नाम दिया गया है कि मीडिया इज हाफ ऑफ द जिहाद का। इस्लामिक किताबों जिसमें उत्तेजक कंटेंट हैं, उसे प्रसारित करने का काम किया जा रहा है।

इसके लिए जो प्लान तैयार किया गया वह काफी मजबूत है, क्योंकि इसमें शामिल लोगों को पकड़ा आसान नहीं होगा। ऐसे लड़के-लड़कियों को घर में रहकर सोशल प्लेटफार्म पर काम करने को कहा जा रहा है। इस कारण से इसमें कितनी महिलाएं और पुरुष जुड़े इसका कोई अंदाजा ही नहीं लगेगा। जिहाद के लिए उत्तेजित करने वाले ऐसे यूथ को पैसा देंगे और उन्हें भारत के खिलाफ भड़काने का काम करेंगे। इस मंशा को लेकर अब देश की सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के साथ पुलिस की पूरी टीम जुट गई है।

पोस्ट में लिखे शब्दों से जिहाद की तैयारी

बिहार में स्पेशल ब्रांच ने अलर्ट के लिए जो लेटर जारी किया है। उसके अनुसार वेब पोर्टल ‘इस्लामिक ट्रांस्लेशन सेंटर’ ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ‘प्यारे मुसलमान भाइयों और बहनों… क्या आप जिहादी मीडिया में अपनी सेवा देने के इच्छुक हैं? हम लोग ट्रांसलेशन करने वाले ट्रांसलेटर ढूंढ रहे हैं। आप किस भाषा में काम कर सकते हैं? आइए, साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट पर काम करते हैं। जो कि मुजाहिद उलेमा और उमरा के लेख को ट्रांसलेट करना है। एक अनोखा मौका है। जिहादी मीडिया में अपनी सहभागिता देने के लिए। अपने आसपास के भाइयों और बहनों को भी अपने काम से लाभ पहुंचाएं।’ सूत्रों के अनुसार मामला भी आतंकियों के जिहाद का ही हिस्सा है।

पीएम पर हमले की साजिश का पटना से खुलासा

बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह में 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना आए। प्रशासन सुरक्षा की तैयारी में जुटा था और आतंकी संगठन घटना किसी बड़ी घटना की फिराक में थे। तैयारी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हमले की थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की इनपुट पर पटना पुलिस ने आतंकियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया था। कार्यक्रम से एक दिन पहले 11 जुलाई की शाम पटना पुलिस ने फुलवारी थाना क्षेत्र में छापेमारी कर मोहम्मद जलालुद्दीन और अतहर परवेज को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद पुलिस ने फुलवारी से ही अरमान मलिक को दबोचा। अरमान की गिरफ्तारी के बाद ही प्रधानमंत्री पर हमले की तैयारी का बड़ा खुलासा हुआ। प्रधानमंत्री पर हमले के लिए कार्यक्रम से 15 दिन पहले से ट्रेनिंग चल रही थी।

पटना से खुला था PFI का 2047 का प्लान

प्रधानमंत्री पर हमले की तैयारी के खुलासे के साथ पीएफआई का भी बड़ा खुलासा हो गया। पुलिस की जांच में पकड़े गए संदिग्धों की निशानदेही पर पुलिस ने इंडिया 2047 नामक सात पेज का कागजात बरामद किया था। कागजात में भारत को 2047 तक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का खुलासा हुआ। इस मिशन को पूरा करने के लिए बिहार के बेरोजगार युवकों को जोड़ा जा रहा था। बिहार में 15 से 20 हजार युवकों को इस कड़ी में ट्रेनिंग देकर तैयार भी कर लिया गया था। जांच में हथियार चलाने की ट्रेनिंग के साथ कई जिलों में कैंप का भी खुलासा हुआ था।

बिहार के पटना और पूर्णिया को बड़ा ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया था। पुलिस की जांच में पटना, दरभंगा, नालंदा, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, कटिहार, अररिया, वैशाली, मुजफ्फरपुर और सारण के साथ कई जिलों में युवाओं को मोटिवेट करने के लिए सेंटर चलाए जाने का भी खुलासा हुआ था। इस खुलासे के बाद एनआईए, एटीएएस और ईडी की जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ और इसके बाद भी रिपोर्ट के आधार पर पीएफआई को प्रतिबंधित किया गया था।

देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने के लिए महिला हथियार

पीएफआई के दस्तावेजों के आधार पर एक खुलासा यह भी हुआ था कि मिशन 2047 के लिए महिलाओं का सहारा लिया जा रहा था। पीएफआई की योजना महिलाओं को मुस्लिम बनाने को लेकर था। हिंदू और आदिवासी गरीब महिलाओं की मदद कर घर में रखना और उन्हें एक विशेष धर्म से जोड़ना था। इसके साथ ही उन्हें राजनीति के साथ अन्य सोशल वर्क में आगे लाने की योजना थी। जिससे अधिक संख्या में युवतियां और महिलाएं उनकी सफलता देख आकर्षित हो सके।

पीएफआई की प्लानिंग में महिलाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा था। अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर जिहाद का ही प्लान तैयार किया जा रहा था। लेकिन पीएफआई पर प्रतिबंध लगने के साथ ही इस मंशा पर पानी फिर गया और पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियों की जांच भी तेज हो गई। इसके बाद अब आतंकियों ने जिहाद का नया प्लान तैयार किया है।

बिहार में सुरक्षा एजेंसियों का हाई अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश पर बिहार में अलर्ट किया गया है। राज्य पुलिस के स्पेशल ब्रांच ने सभी रेंज के IG, DIG और सभी जिलों के एसपी को अलर्ट किया है। जेहाद के मामले को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर बताया गया है। वेब पोर्टल ‘इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर’ ने एक पोस्ट जिसमें ट्रांसलेटर के नाम पर जेहाद की तैयारी है, उसे लेकर बड़ी प्लानिंग है। इस पोस्ट के जरिए जिहादी मीडिया के नाम पर बड़ी संख्या में अलग-अलग भाषाओं के जानकार मुस्लिम युवाओं और युवतियों को अपने संगठन से जोड़ने की योजना को नाकाम करने की तैयारी की जा रही है।

जिहादी साहित्य का सभी भाषाओं में ट्रांस्लेशन करने के नाम पर भारत में जेहाद की नई योजना है। इसे जेहाद में लगे लोग अपने कौम के लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। बड़ी बात ये है कि वेब पोर्टल ‘इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर’ आतंकी संगठन अलकायदा का ही एक विंग है। जब इस बात की जानकारी हुई तो MHA की तरफ से राज्यों को एक अलर्ट भेजा गया।

स्पेशल ब्रांच ने किया राज्य में अलर्ट

स्पेशल ब्रांच के IG ने MHA से मिले निर्देशों के आधार पर राज्य में पूरी तरह से अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही अपने विंग के सभी जोनल और रेंज के अधिकारियों को अपने इलाके में कड़ी नजर बनाए रखने काे लेकर अलर्ट किया है। ह्यूमन इंटेलिजेंस के साथ-साथ टेक्निकल तौर पर जांच को लेकर टीम को तैयार किया जा रहा है। क्योंकि, वेब पोर्टल ‘इस्लामिक ट्रांसलेशन सेंटर’ के पोस्ट को पढ़कर बेरोजगार मुस्लिम युवा भटक सकते हैं और भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

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By bihardelegation21

Chandan kumar patel (BA) , I am not social worker I am Social Media Worker.

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