बेगूसरायएक घंटा पहले

बीएमपी 8 का दुर्गा पूजा पंडाल।

बेगूसराय शहर में 50 पूजा पंडालों में देवी दुर्गा के प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी जगह पंडालों में आकर्षक सजावट और लाइटिंग लगाया जा रहा है। वहीं नगर दुर्गा पूजा महासिमिति से जुडें 25 पूजा पंडालों में महासमिति के निर्देशानुसार तैयारिया की जा रही है। कोरोना काल के दो साल पूजा अर्चना मेला बाधित होने के कारण इस बार शहर भर में धूमधाम से मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही है। वहीं 26 सितंबर से नवरात्र के कलश स्थापन से शुरू होने वाली पूजा को लेकर भक्तिमय माहौल बन रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से मेले का आयोजन हो सके इसके लिए जिला प्रशासन की टीम भी अलर्ट मोड में आ चुकी है। आइए जानते हैं 5 प्रमुख जगहों की तैयारी के बारे में –

विष्णुपुर में किरण दुर्गा स्थान

इस मंदिर की स्थापना 1991 में हुई थी। यहां आकर्षक तरीके से समुद्र मंथन की थीम बनाई जा रही है। ढाई लाख का पूरा खर्च लाइटिंग खर्च आएगा। मंदिर के अंदर समुद्र मंथन का थीम रहेगा,करीब एक महीने से राजस्थान के दस कलाकार आएं है। जो दिन रात एक करके 55 मूर्ति बना रहे हैं। जिसमें भगवान और राक्षस का मूर्ति शामिल है। बेगूसराय में इससे पहले ऐसी सजावट आजतक नहीं हुई है। वैसा कलर किया जाएगा जो प्राचीनकाल में धुआं जैसा कलर होता है।

किरण दुर्गा पूजा स्थान में समुद्र मंथन के लिए बन रहा मंदार पर्वत।

गोशाला रोड में सार्वजनिक दुर्गा स्थान

इस मंदिर की स्थापना 1977 ई में हुई थी। तेलिया पोखर के किनारे स्थापित हुए इस मंदिर में माता दुर्गा के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस मंदिर में पूजा और मेला के आयोजन को लेकर तीन लाख का बजट बनाया गया है। जिसमे डेढ़ लाख की डेकोरेशन किया जाएगा । दुर्गा देवी के प्रतिमा के साथ महिषासुर बॉलीवुड थीम पर बनाया जा रहा है।

कर्पूरी स्थान चौक पर किरोड़ीमल गजानन्द दुर्गा स्थान पूजा समिति

मंदिर की स्थापना आजादी काल से भी पहले सन 1921 ई में की गई थी। यहां पूजा में तीन लाख का बजट समिति के द्वारा अनुमानित हैं। यहां समिति के लाइटिंग और डेकोरेशन अपने पैसे से ही खरीद कर लगवा रहे हैं। हर साल नई चीज खरीदकर समिति में जमा कर रहे हैं।

अध्यक्ष अशोक कुमार गोयनका उर्फ मुन्ना ने बताया कि 300 बांस तिरपाल लाइट सभी खरीद कर उपयोग में ला रहे हैं। यहां हाईटेक तरीके से पूजा किया जाता है। जिओ फाइबर कनेक्शन और चंदा के लिए क्यूआर कोड लगाया है।इस पूजा समिति की यह खासियत है यहां कर्पूरी स्थान चौक पर इस पार दुर्गा स्थान दूसरे पार मजार है। पूजा के दौरान हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग विधि व्यवस्था बनाने को ततपर रहते हैं। सभी कार्यकर्ता एक समान ड्रेसकोड में रहते हैं।

श्री श्री 108 श्री बड़ी दुर्गा स्थान नौरंगा

1851 में स्थापित यह मंदिर बेगूसराय के प्राचीनतम दुर्गा मंदिरों में से एक है। यहां माँ दुर्गे का श्रृंगार सोना चांदी और कुछ आभूषण में हीरा का भी उपयोग किया जाता है। सचिव रामरतन कुमार, उपाध्यक्ष भोला कुमार ने बताया कि इसमें से कई आभूषण वर्षों पुराना है। हर साल समिति के द्वारा नए आभूषण की भी खरीदारी की जाती है। यहाँ जागरण के बाद अष्टमी और नवमी को लाखों लाख की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मैया डोली पर जाती हैं, 40 कहार के साथ समिति के कार्यकर्ता भी साथ मे सहियोग में लगे रहते हैं।

यहाँ इस साल लाइटिंग सवा दो लाख की लागत आएगी। एक सौ फीट का वाटर प्रूफ पंडाल बनेगा। कर्पूरी स्थान चौक से पटेल तक मेन रोड लाइटिंग की जाएगी। सम्पूर्ण पूजा में लगभग आठ लाख रुपया का खर्च आएगा। तेघरा के कारीगर पंडाल बना रगे हैं। मुंगेर के कलाकार पुश्तैनी से यहाँ मूर्ति बना रहे हैं। मुंगेर निवासी कलाकार संजय पंडित मूर्ति बना रहे है। इन्हीं के परिवार के पूर्वज भी यहां मूर्ति बनाते थे। अब संजय बना रहे हैं।

इटू शिव मंदिर दुर्गा पूजा समिति

इसकी स्थापना 1976 में हुआ था। पहले मंदिर का आकार काफी छोटा रहा। इस मंदिर का रिफायनरी प्रबंधन के द्वारा पुनर्निर्माण लगभग आठ साल पहले करवाया गया था। यहाँ षष्टी तिथि के दिन गज की पूजा होती है। अगले दिन डोली लेकर माता का बेलवा निमंत्रण किया जाता है। इससे पहले पंचमी तिथि के रात में डांडिया नृत्य का आयोजन किया जाता है। यहां रिफाइनरी परिसर में लगभग आधा किमी में लाइटिंग की जा रही है।

मंदिर पीछे स्थित मैदान में मीना बाजार, झूला सहित मेला का आयोजन होता है। यहां यूपी के सहारनपुर, असम से बेंत का फर्नीचर, मुरादाबाद से पितल का बर्तन , बंगाल से अचार , हस्तकरघा कपड़ा आदि बेचने के लिये दुकानदार भी आता है।मेला व्यवस्थापक विवेकानन्द सिंह , अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि एक लाख रुपये का डिकोरेशन किया जाएगा। सम्पूर्ण पूजा खर्च में लगभग पांच लाख खर्च होने का अनुमान है। यहां इस बार मुख्य आकर्षण का केंद्र गुफा बनाकर उसके अंदर राक्षसों का वध स्प्रिंग के सहारे होता दिखेगा।

बीएमपी-8 का जय माँ वैष्णवी दुर्गा पूजा समिति

यहां भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। परिसर में लाइटिंग की जा रही है।मैदान में झूला ब्रेक डांस मौत का कुआं आदि लगाया जा रहा है। पूजा समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि करीब चार लाख की खर्च लाइटिंग पर होगी। यहां बीएमपी 8 से जुड़े लोग मुख्य रूप से पूजा और मेले का आयोजन करते हैं। यहां माता दुर्गा की प्रत्तिमा के साथ मौजूद उनका वाहन शेर लगातार दहाड़ता है। साथ मंदिर के बगल में स्थिति शहीद स्मारक को भी सजाया जा रहा है।

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By bihardelegation21

Chandan kumar patel (BA) , I am not social worker I am Social Media Worker.

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